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Creating a company in a Tally Erp9

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Creating a company in a Tally Erp9 टैली में कम्‍पनी Create करने के लिए निम्‍नलिखित Step को Follow करते है- 1- सबसे पहले हम Tally software को  को Open करते है। या Gateway of Tally Screen से Alt+F3 Key (Company Info) Press करें । 2- Company Info Menu से C reate Company Option को Select कर Enter Key Press करते है। या Direct Keyboard से C Key को Press करते है। Company Info Menu तो Company Creation Screen Display होती है।     3-   Company Creation Screen में निम्‍नलिखित Fields होती है :- 1. Directory :- यह वह Path Specify करती है जहाँ कंपनी  के Data को  Store किया जाएगा। यहां पर टैली Default Directory Show करता है। जो  टैली Install करते वक्‍त निर्धारित होती है।  जैसे की मैंने टैली Install किया और यह Default Directory Create हो गई है जैसे आप देख सकते है C:\User\Public\Tally.ERP9\Data इसे हम बदल सकते है जैसे मैं चाहता हूं की D: Drive में Job नाम के फोल्‍डर में Company का Data Store हो तो इसका Path इस प्रकार सेट कर...

Some Debit and Credit

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 Some Debit  and Credit कुछ लेन-देन में कुछ खाते हमेशा Debit और Credit होते है - माल उधार बेचो या नकद, Sales Account हमेशा Credit  होता है। माल उधार खरीदो या नकद, Purchase Account  सदैव Debit  किया जाता है। सम्पत्तियों को खरीदते समय हर समय सम्पत्ति खाता ही Debit किया जाता है, न कि Purchase Account  Cash आये तो Cash a/c को Debit और Cash जाये तो Cash a/c को सदैव Credit किया जाता है।  Cash Discount की प्रविष्टि Journal(Voucher)  में की जाती है।  व्यापारिक बट्टे की Journal(Voucher) में कोई प्रविष्टि नहीं होती  बट्टे की रकम घटाकर शुद्ध रकम से ही जमा खर्च किया जाता है।  Capital Account व Drawing Account मालिक के ही Account  होते हैं। अत: ये दोनों (Personal Account )व्यक्तिगत खाते माने जाते है।  Purchase Account  हमेशा Credit होता है निम्‍न स्थिति में -1) माल दान में देने पर (Goods given as charity) 2) माल के जल जाने पर (Goods lost by fire) 3) माल चोरी जाने पर (Goods lost by theft) 4) माल घर ले जाने पर (G...

Banking Related Transactions

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Banking Related Transactions वर्तमान युग में बैंकों का महत्त्व अत्यन्त बढ़ गया है । चाहे उद्योग हो या व्यापार , बैंकों के बिना इनका Work संचारु रूप से नहीं चल सकता । वर्तमान में बैंक और व्यापारियों के मध्य अटूट सम्बन्ध बन गये है। आधुनिक बैंकें उद्योग , व्यापार आदि के सभी कार्यों हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं , जिससे देश की औद्योगिक एवं आर्थिक उन्नति होती है ।  बैंक और व्यापारियों के मध्य होने वाले व्यवहारों को ही बैंक सम्बन्धी व्यवहार कहते हैं । बैंक सम्बधी व्यवहारों का लेखा उसी प्रकार से किया जाता है , जैसे अन्य व्यवहारों का , फिर भी बैंक सम्बन्धी व्यवहारों का लेखा करते समय कछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है । व्यापारी आमतौर पर चालू खाता ( Current Account ) खोलता है और उससे सम्बन्धित सभी व्यवहार उसी बैंक खाते में लिखता है । चूंकि बैंक विभिन्न खाते खोलता है इसलिये प्रत्येक प्रकार के खाते के नाम के साथ बैंक शब्द लिखा जाता है । जैसे — चालू खाता देना बैंक के साथ (Current Account with Dena Bank बैंक का खाता एक व्यक्तिगत खाता होता है इसलिए इसमें लेखा करते समय व्यक्त...

Capital and Special Entry Transaction

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Capital and Special Entry Transaction   1. Capital of Partners (साझेदारी की पूंजी) :-  जब दो या दो अधकि व्यक्तियों का समूह मिलकर व्यापार में अपनी पूंजी लगाता है तो Partners के Capital Account  अलग-अलग Open किए जाते है तथा उनके द्वारा Business में लगाई गई  Capital  उनके Capital Account में  Credit (क्रिएट)  करते हुए  Cash Account (रोकड़ खाता)  कुछ धनराशि से Debit (डेबिट) किया जाता है   A)   जैसे Ram, Shyam और Rohit  ने क्रमशः 10,000 20,000 तथा 30,000 पूंजी लगाकर व्यापार प्रारंभ किया। इस Transaction की जर्नल इंट्री इस प्रकार होगी- B) Ram Singh ने 40000 रू0 नकद पूंजी से व्‍यापार आरंभ किया। इस Transaction की जर्नल इंट्री इस प्रकार होगी- 1. निजी उपयोग हेतु माल या नकद  निकालना :- जब कभी व्यापारी को निजी या के लिए रकम या माल की आवश्यकता होती है वह व्यापार से ले लेता है इसका हिसाब रखने के लिए एक खाता खोला जाता है जिसे आहरण खाता कहते हैं निजी व्‍यय के लिए निकाली गई राशि से इस खाते को डेबिट किया ...

Chart of Account Or List of Account in tally ERP9

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Chart of Account Or List of Account in tally ERP9 Tally में Chart of Account को List of Accounts के नाम से भी जाना जाता है। Chart of Account को Group, Sub Group और Ledger में विभाजित होता है।  सरल शब्‍दों में हम कह सकते है कि आसानी से Group, Sub Group,  Ledger का मूल्‍यांकन करने के लिए Chart of Account (List of Accounts )महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते है।  Group and Sub Group Wise Chart of Account:- Chart of Account (Group and Sub Groups) Chart of Account (Group and Sub Groups with ledger) List of Accounts (Chart of Accounts ) में कुल 28 group होते है। जिनमें Group 15 होते है तथा Sub Group 13 होते है। तथा 2 Ledger (Cash and Profit and Loss a/c ) होते है।

Discount & Compound Entries and Other Entries

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IMPORTANT JOURNAL ENTRIES (1) बट्टा, कटौती या छूट (Discount)- किसी व्यापारी से जितनी रकम लेनी है और उससे कम रकम लेना  स्वीकार कर लिया जाये, तो जितनी रकम कम ली जाती है उसे छूट कहते हैं। यह देय छूट व्यापार में हानि होती है। इसी प्रकार से अगर किसी को एक निश्चित रकम देनी है और उसे कुछ कम रकम दी जाए तो यह शेष बची रकम छुट कहलायेगी । यह प्राप्त छूट व्यापार में लाभ होती है । इस छूट को बट्टा या कटौती भी कहते हैं। बट्टा दो प्रकार का होता है- Discount & Compound Entries and Other Entries (i) व्यापारिक बट्टा (Trade Discount)  (ii) नकद बट्टा (Cash Discount) । (1) व्यापारिक बट्टा (Trade Discount) - व्यापारिक छूट उत्पादकों अथवा थोक व्यापारियों द्वारा  अपने फुटकर व्यापारी ग्राहकों को उनकी मूल्य सूचियों में छपे हुए मूल्य पर दी जाती है जिससे फुटकर व्यापारी छपे हुए मूल्य पर माल बेच सके । यह छूट प्रायः प्रतिशत के रूप में दी जाती है । यह छूट प्रायः उन वस्तुओं पर ही सम्भव है जिन्हें दुकानदार को छपे हुए मूल्य पर ही बेचना होता है, जैसे—पुस्तकों, दवाइयों, बल्बों आदि पर। व्...

Mouse Keyboard conventions & Key and Combinations

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Mouse/Keyboard conventions & Key  Combinations   1- Mouse/ Key Board Conventions:-  टैली के साथ Software में काम करने के लिए निम्‍नलिखित Conventions का प्रयोग किया जाता है- A) Mouse Conventions:- 1- Click :- जब हम Mouse का left Button दबाते है तो इसे Click कहा जाता है। 2- Double-Click:-   जब हम Mouse का left Button One Second के अंदर 2 बार दबाते है तो इसे Double Click कहा जाता है। 3-Select:- जब हम Mouse Pointer काे Item पर स्थित करने तथा Mouse left Button दो बार क्लिक करने पर । 4-Choose : Mouse Pointer को Item पर स्थित करने तथा Left Mouse Button को Click करने पर । B) Keyboard Conventions:- 1- function key(Fn):-   Function key को Press करना । 2- Alt+Function key( Fn ):- Alt के साथ Function key को Press करना । 3- Ctrl+Function key( Fn ):- Ctrl के साथ Function key को Press करना । 4- Press:- जब हम Keyboard से Keys के Combination का उपयोग करते है। Key Combination:- 1- F1 Function Key:- इसका प्रयोग कम्‍प...